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बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

हजार साल से भी अधिक वर्षों से विदेशी लूटते चले आ रहे हैं। तुर्कों ने लूटा, मुगलों ने लूटा पुर्तगालियों ने लूटा, अंग्रेजों ने लूटा और अब बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ लूट रही हैं। देश की सम्पदा अनवरत रूप से विदेशों में जाती रही थी और जाती चली जा रही है। विश्व का सर्वाधिक धनाड्य देश सबसे बड़ा कंगाल देश बनकर रह गया।

प्लासी के युद्ध से वाटरलू के युद्ध तक अर्थात् सन् 1757 से 1815 तक, लगभग एक हजार मिलियन पाउण्ड याने कि पन्द्रह अरब रुपया शुद्ध लूट का भारत से इंग्लैंड पहुँच चुका था। इसका सीधा-सीधा अर्थ यह हुआ कि अट्ठावन साल तक ईस्ट इंडिया कंपनी के नौकर प्रति वर्ष लगभग पचीस करोड़ रुपये भारतवासियों से लूटकर अपने देश ले जाते रहे। समस्त संसार के इतिहास में ऐसी भयंकर लूट की मिसाल अन्य कहीं नहीं मिलती।

इंग्लैंड के लंकाशायर और मनचेस्टर में भाफ के इंजिनों से चलने वाले अनेक कारखाने खोलने के लिए धन कहाँ से आया? भारत को लूट कर ही ना?

आज जब हम बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बने चाय, कॉफी, साबुन, पेस्ट जैसे रोजमर्रा के सामान खरीदते हैं तो हमारा धन कहाँ जाता है? विदेशों में ही ना!

तो क्यों नहीं अपने देश में बनी वस्तुएँ इस्तेमाल करते? ऐसा करके आप देश के धन को देश में ही बनाए रख सकते हैं। आइए संकल्प लें कि हम स्वदेशी वस्तुएँ ही खरीदेंगे।

ये है सूची स्वदेशी और विदेशी वस्तुओं कीः

टूथपेस्ट, दंतमंजन, टूथब्रशः

स्वदेशी विदेशी
एंकर, स्वदेशी, बबूल, प्रॉमिस, विको, अमर, औरा, डाबर, चॉइस, टु जेल, मिसवाक, अजय, हर्बोडंट, अजंता, गरवारे, ब्रश, क्लासिक, ईगल, दंतपोला, बंदर छाप दंतमंजन, बैद्यनाथ, इमामी, युवराज, पतंजलि, विटको पावडर, इकारमेंट, डॉ. स्ट्रांग, मोनेट, रॉयल तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। कोलगेट, सिबाका, क्लोजअप, पेप्सोडेंट, सिग्नल, मेक्लींस, प्रुइंट, एमवे, क्वांटम, एक्वा फ्रेश, नीम, ओरल-बी, फोरहेंस।

शेविंग क्रीम तथा ब्लेडः

स्वदेशी विदेशी
गोदरेज, इफ्को, अफगान, इमामी, एक्रीम, सुपर, स्वदेशी, सुपरमेक्स, अशोक, पनामा, वी-जोन, टोपाज़, प्रीमियम, पार्क एवेन्यू, लेजर, विद्युत, जे.के., मेट्रो डीलक्स, भारत, सिल्वर, इशवायर लेसर तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। पॉमालिव, ओल्ड स्पाइस, नीविया, पोंड्स, प्लेटिनम, जीलेट, विलमेन, सेवन ओ क्लॉक, विल्टेल, इरास्मिक, स्विस, लक्मे, डेनिम, विल्किन्सन, लेदर, मेन्थॉल।

नहाने का साबुनः

स्वदेशी विदेशी
निरमा, संतूर, स्वस्तिक, मैसूर सैंडल, विप्रो, शिकाकाई, फ्रेश, अफगान, कुटीर होमाकोल, प्रीमियम, मीरा, मेडिमिक्स, विमल, गंगा, पतंजलि, सिंथॉल, वनश्री, सर्वोदय, कस्तूरी, फरग्लो, हिमालय, विजिल, निमा, सहारा तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। लक्स, लिरिल, लाइफबॉय, पियर्स रेक्सोना, हमाम, जय, मोती, कैमे, डव, पोण्डस, पामालिव, जॉन्सन, क्लियरेसिल, डेटॉल, लेसान्सी, जास्मिन, गोस्डमिस्ट, लक्मे, एमवे, क्वांटम, मार्गो, ब्रीज, ओ.के.।

धोने के साबुनः

स्वदेशी विदेशी
निरमा, विमल, हिपोलीन, डेट, स्वस्तिक, ससा, प्लस, आधुनिक, एक्टो, टी-सीरीज, होमाकोला, पीताम्बरी, बी.बी., फेना उजाला, टाटा शुद्ध, ईजी, घड़ी, जेन्टील, 555, गोदरेज, रिविल, सहारा, केर, दीप, चमको, टाटा शुद्ध, निमा तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। सनलाइट, व्हील, 501, ओके, एरियल, चेक, डबल, ट्रिलो, रिन, विमबार, की, रिबेल, एमवे क्वांटम, सरफ एक्सेल, हरपीक, रॉबिन ब्लू, रिविल, वूलवॉश, हेंको, स्कायलांक, टिनापल, हार्पिक, हिन्दुस्तान लीवर लिमि. के अन्य उत्पादन।

सौन्दर्य प्रसाधन एवं औषधिः

स्वदेशी विदेशी
सिंथॉल, इफ्को, जीटेल्क, संतूर, लुपिन, इमामी, अफगान, नोवाकेर, नोवासिल, बोरोप्लस, तुलसी, टिप्स एण्ड टोज, श्रृंगार, विको टर्मरिक, अर्निका, हेयर एण्ड केयर, हिमानी, पैराशूट, केडीला, सिप्ला, डेन्ड्रफ सोल्युशन, सिल्केशा, हिमताज, फ्रेम, डाबर, धूतपापेश्वर, कोप्रान, फ्रेंको, इप्का, खंडेलवाल, बोरोलीन, केराफेड, महर्षि आयुर्वेद, लुपिन, रोच टोरंट फार्मा, हिमालया, शान्तिरत्न, केशामृत, बलसारा, कोकोराज, जे.के. डाबर, सांडू, वैद्यनाथ, हिमालय, भास्कर, तन्वी, पतंजलि, प्रीमियम, मूव्ह, क्रैक, बजाज सेवाश्रम, नीम, इफ्को, महाभुंग, मार, राजतेल, प्रकाश, डक, मोरोलेकन्सा, जयश्री क्रीम, पार्क एवेन्यू, मृगाहल, किसन, मकाय, जय जवान, नाइल, हिमानी गोल्ड, हैवन्स गोल्ड, हैवन्स ग्लोरी तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। जॉन्सन, पोण्ड्स, ओल्ड स्पाइस, क्लियरेसिल, ब्रिलक्रीम, फेयर एण्ड लव्हली, वेल्वेट, मेडीकेयर, लैवेण्डर, नायसिल, शावर तो शावर, क्यूटीकुरा, लिरिल, लक्मे, डेनिम, आर्गेनिक्स, पेंटीन, रुट्स, हेड एण्ड शोल्डर, क्वांटम, निहार, क्लीनिक, एमवे, ओले, रेवलोन, कोको केयर, ग्लैक्सो, बैसील, नवराटिस, क्लियरटोन, नीविया, चाम्स, एन्नेफ्रेंच, चार्ली।

चाय-कॉफीः

स्वदेशी विदेशी
टाटा टी, गिरनार, हँसमुख, आसाम टी, सोसायटी, सपट, डंकन, ब्रह्मपुत्र, एम.आर., सनटिप्स, इन्डिया, अशोक, तेज, टाटा कैफे, एम.आर. कॉफी, न्यूट्रामूल, प्लेन्टेन कैफे, टाटा टेटली, पतंजलि, गायका दूध, इण्डियन कॉफी, रॉयल बेंगाल तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। ब्रुकबांड, ताजमहल, रेड लेबल, डायमेड, लिप्टन, ग्रीन लेबल, टाइगर, नेस्केफे, नेस्ले, डेल्का, ब्रू, सनराइज, थ्री फ्लॉवर्स, यलो लेबल, चियर्स, गॉडफ्रेशिलिप्स, पोल्सन, गुडरिक, माल्टोवा।

बिस्किट, चाकलेट, ब्रेड दूधः

स्वदेशी विदेशी
अमूल, सिमको, स्मिथ न्यूट्रीन, शांग्रीला, चेम्पियन, एम्प्रो, पार्ले, साठे, बेकमेन, प्रिया गोल्ड, मोनेको, क्रेकजैक, गिट्स, शालीमार, पैरी, रावलगाँव, नीलगिरि, क्लासिक, न्यूट्रामूल, मोन्जीनीज, आरे, कैम्पको, सम्राट, रॉयल, विज्या, इंडाना, सफल, एशियन, विब्ज ब्रेड, वेस्का, सागर, आल्मोंड, क्रमिका, स्पन तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। ब्रिटानिया, टाइगर, मैरी, नेस्ले, केडबरी, बॉर्नव्हिटा, हॉर्लिक्स, बूस्ट, मिल्कमेड, किसान, मैगी, फैरेक्स, माल्टोवा, अनिक स्प्रे, कॉम्प्लान, किटकैट, चार्ज, एक्लेयर, मोडर्न ब्रेड, ब्रिटानिया ब्रेड, विवा, माइलो, फाइव्ह स्टार, लिप्टन, ग्लुकोज, ब्राउन एण्ड पोल्सन, हॉल्स, चिकलेट, चोको, चियर, ओल्ड जमाइका चोको, विक्स रोएक्स, मिल्कबार, नेसफेरी।

खाद्य तेल एवं खाद्य पदार्थः

स्वदेशी विदेशी
धारा, सफोला, पतंजलि, रामदेव, लिज्जत, टाटा, मारुति, पोस्टमेन, रॉकेट, गिन्नी, स्वीकार, कारनेला, रथ, मोहन, उमंग, विजया, सपन, पैराशूट, अशोक, कोहिनूर, मधुर, इंजन, गगन, अमृत, वनस्पति, एमडीएच, एवरेस्ट, बेडेकर, कुबल, सहकार, गणेश, शक्तिभोग, परम, अंकुर, सूर्या, ताजा, तारा, सागर, रुचि, हनुमान, कोकोकेर, क्षुपक, शालिमार तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। डालडा, क्रिस्टल, लिप्टन, अन्नपूर्णा, मैगी, किसान, तरला, ब्रुक, पिल्सबरी, कैप्टन कूक, मॉडर्न, कारगिल, नेस्ले, सनड्रॉप, फ्लोराविटल, एवरी डे, अनिक।

अचार, मुरब्बा, चटनी, कोल्ड ड्रिंक्सः

स्वदेशी विदेशी
रसना, फेनिया, पतंजलि, एनर्जी, सोसयो, केम्पाकोला, गुरूजी, ओन्जुस, जाम्पिन, नीरो, प्रिंगो, फ्रूटी, आस्वाद, डाबर, माला, रोजर्स, बिस्लेरी, वेकफील्ड, नोगा, हमदर्द, मैप्रो, रेनबो, कल्वर्ट, सीटम्ब्लिका, रूह अफजा, जय, गजानन, हल्दीराम, गोकुल, बीकानेर, प्रिया, अशोक, मदर्स रेसेपी, उमा तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। लहेर, पेप्सी, सेवन अप, मिरिंडा, टीम, कोका कोला, मेक्डॉवेल, मेगोला, गोल्डस्पॉट, लिम्का, सिट्रा, थम्स अप, स्प्राइट, ड्यूक्स, फेन्टा, केडबरी, केनडा ड्राय, क्रश, स्लाइस, ड्यूक्स, मेगी, किसान, ब्राउन एण्ड पोल्सन, ब्रुकब्रांड, नेस्ले।

आइसक्रीमः

स्वदेशी विदेशी
अमूल, वडीलाल, गोकुल, दिनशॉ, जॉय, श्रीराम, पेस्टनजी, नेचर वर्ल्ड, हिमालय, निरुला, आरे, पेरीना, मदर डेयरी, अशोका, विंडी, हैव मोर, वेरका तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। कैडबरी, डोलोप, नाइस, ब्रुकबांड, क्वालिटी वॉल्स, बास्किन एण्ड रोबिन्स, यांकी डूडल्स, कोरनेट्टो, डिनशो, कोलप्स, रेनाल्ड, दिनेश।

पैकबंद स्नेक्सः

स्वदेशी विदेशी
बालाजी, गोपाल, बिकानो, हल्दीराम, एवन, होम मेड एण्ड स्नेक्स तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। अंकलचिप्स, पेप्सी, फनमिर्च।

पीने का पानीः

स्वदेशी विदेशी
रेल, गरम करलुं पानी, घरे फिल्टर, यश, गंगा, हिमालया, केच, नीर, बिस्लेरी तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। एक्वाफिना, बैले, किनले, प्योर लाइफ, एवियन पेरियर।

लेखन सामग्रीः

स्वदेशी विदेशी
कैम्लिन, विल्सन, कैमल, रोटोमेक्स, जीफ्लो, रेव्हलॉन, स्टिक, चन्द्र, मोर्टेक्स, सेलो, बिट्टू, प्लेटो, कोलो, भारत, त्रिवेणी, फ्लारा, अप्सरा, नटराज, लायन, हिन्दुस्तान, ओमेगा, लोटस, आर्मी, डेल्टा, लेक्सर तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। पॉर्कर, पायलट, विंडसर न्यूटन, फैबरइ कैसेल, लक्जर, बिक, मांट, ब्लैक, कोरस, यस, रोटरिंग, रेनॉल्ड, एडजेल, यूनिबोल, फ्लेर, मित्सबिसी, राइडर, स्विसयेर।

विद्युत उपकरण, गृह उपयोगी वस्तुएँ घड़ी आदिः

स्वदेशी विदेशी
बी.पी.एल, विडियोकान, ओनिडा, सलोरा, ई टी एण्ड टी, टी सीरीज, नेल्को, वेस्टन, अपट्रॉन, केल्ट्रान, कॉस्मिक, टीवीएस, गोदरेज, क्राउन, बजाज, उषा, पोलर, लाइड्स, ब्ल्यू स्टार, व्होल्टास, कुल होम, खेतान, एवरेडी, जीप, नोविनो, निर्लेप, इलाइट, अंजलि, सुमीत, जयको, टाइटन, अजंता, एचएमटी, मैक्सिमा, आल्विन, बंगाल, मैसूर, हॉकिन्स, प्रेस्टीज, राजेश, सीजा, ट्रिवेल, मैसूर, हिन्दुस्तान, सीमा, सूर्या, एंकर, प्रकाश, ओर्पेट, कॉस्मिक, ओरियंट, टुल्लू, क्रॉम्टन, शक्ति, सिल्वर, अनुपम, डीलक्स, कोहिनूर, यूनिवर्सल तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। जीईसी, फिलिप्स, व्हर्लपूल, तोशिबा, सोनी, टी.डी.के., नेशनल पैनासोनिक, जीवनसाथी, आनन्द, शॉर्प, कीजिइन, आल्विन, सैमसंग, डेव, अकाई, सैनसुइ, एलजी, हिताची, थॉम्प्सन, परवेयर, कैरियर, कोंका, केनवुड, आइवा, जापान, लाइफ, क्रॉम्प्टन ग्रीव्ह्ज, टाइमेक्स, ओमेगा, राडो, रोबीस।

रेडीमेड कपड़ेः

स्वदेशी विदेशी
मफतलाल, अरविन्द, वीआईपी, लक्ष, रूपा, ट्रेंड, कैम्ब्रिज, चरागदीन, डबल बुल, जोडियाक, डेनिम, डॉन, प्रोलीन, टीटी, अमूल, वीआईपी, रेमण्ड, पार्क एवन्यू, अल्टिमो, न्यूपोर्ट, किलर, एक्सकेलिबर, फ्लाइंग मशीन, ड्यूक्स, कोलकाता, लुधियाना तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। ली, एरो, पीटर इंग्लैंड, फिलिप्स, बर्लिंगटन, लकोस्ट, सेफिस्को, कलरप्लस, व्हेन, हुसेन, लुइ, लेविस, पेपे बीन्स, रैंगलर, बेनेटोन, रेड एण्ड टेलर, एलेनसोली, बॉयफोर्ड।

दवाइयाँ:

स्वदेशी विदेशी
पतंजलि, टोरेन्ट, केडिला, जायडस, साराभाई केमिकल्स, एलम्बिक, रेनबेक्सी। ग्लेक्सो, इन्टरवेट, फाइजर, यूनीकेम, स्मिथलाइन, सेन्डोज, रैलीज, मेरिन्ड।

जूते और पॉलिशः

स्वदेशी विदेशी
लखानी, लिबर्टी, स्टैन्डर्ड, एक्शन, पैरॉगान, फ्लेश, वेलकम, रेक्सोना, रिलैक्सो, लोटस, रेड टॉप, वायकिंग, बिल्ली, कार्नोबा तथा लघु-कुटीर उद्योग के अन्य स्थानीय उत्पादन। बाटा, प्यूमा, पावर, चेरी ब्लॉसम, आदिदास, रोबोक, नाइक, लीकुप, गैसोलीन, वुडलैंड।

कम्प्यूटरः

स्वदेशी विदेशी
एचसीएल, चिराग, अमर पीसी, विप्रो। एचपी, कॉम्पैक, डेल, माइक्रोसॉफ्ट।

दोपहिया एवं चारपहिया वाहनः

स्वदेशी विदेशी
टाटा, महिन्द्रा, हिन्दुस्तान मोटर्स, बजाज, टीवीएस, कायनेटिक मारुति सुजुकी, हुंडइ, फोर्ड, निशान, होंडा, टोयोटा, यामाहा।

7 टिप्‍पणियां:

  1. स्वदेशी तो अपनाई ही जानी चाहिए. स्वागत.

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  2. सोनी जी नमस्ते !
    स्वदेशी के लिए जागृती का आपका प्रयास सराहनीय है... बधाई और स्वागत !

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  3. आदरणीय सोनी जी
    आपके ब्लॉग पर आकर बहुत अच्छा लगा ....आपने जो स्वदेशी और विदेशी के बारे में बात की है सच में सही है ...आपकी राष्ट्र भक्ति को सलाम ....आशा है अब आपके ब्लॉग पर भारतीयता से सम्बंधित लेख पढने को मिलेंगे ....आपका आभार

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  4. कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें ...टिप्पणीकर्ता को सरलता होगी ...
    वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिए
    डैशबोर्ड > सेटिंग्स > कमेंट्स > वर्ड वेरिफिकेशन को नो NO करें ..सेव करें ..बस हो गया .

    उत्तर देंहटाएं
  5. इस बात में कोई भी दो राय नहीं है कि लिखना बहुत ही अच्छी आदत है, इसलिये ब्लॉग पर लिखना सराहनीय कार्य है| इससे हम अपने विचारों को हर एक की पहुँच के लिये प्रस्तुत कर देते हैं| विचारों का सही महत्व तब ही है, जबकि वे किसी भी रूप में समाज के सभी वर्गों के लोगों के बीच पहुँच सकें| इस कार्य में योगदान करने के लिये मेरी ओर से आभार और साधुवाद स्वीकार करें|

    अनेक दिनों की व्यस्ततम जीवनचर्या के चलते आपके ब्लॉग नहीं देख सका| आज फुर्सत मिली है, तब जबकि 14 फरवरी, 2011 की तारीख बदलने वाली है| आज के दिन विशेषकर युवा लोग ‘‘वैलेण्टाइन-डे’’ मनाकर ‘प्यार’ जैसी पवित्र अनुभूति को प्रकट करने का साहस जुटाते हैं और अपने प्रेमी/प्रेमिका को प्यार भरा उपहार देते हैं| आप सबके लिये दो लाइनें मेरी ओर से, पढिये और आनन्द लीजिये -

    वैलेण्टाइन-डे पर होश खो बैठा मैं तुझको देखकर!
    बता क्या दूँ तौफा तुझे, अच्छा नहीं लगता कुछ तुझे देखकर!!

    शुभाकॉंक्षी|
    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’
    सम्पादक (जयपुर से प्रकाशित हिन्दी पाक्षिक समाचार-पत्र ‘प्रेसपालिका’) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    (देश के सत्रह राज्यों में सेवारत और 1994 से दिल्ली से पंजीबद्ध राष्ट्रीय संगठन, जिसमें 4650 से अधिक आजीवन कार्यकर्ता सेवारत हैं)
    फोन : 0141-2222225(सायं सात से आठ बजे के बीच)
    मोबाइल : 098285-02666

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  6. यदि आप हिंदी और हिंदुस्तान से प्यार करते है तो आईये हिंदी को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश ब्लोगेर असोसिएसन uttarpradeshblogerassociation.blogspot.com के सदस्य बने अनुसरण करे या लेखक बन कर सहयोग करें. हमें अपनी id इ-मेल करें. indianbloger @gmail .com

    ------ हरेक हिंदी ब्लागर इसका सदस्य बन सकता है और भारतीय संविधान के खिलाफ न जाने वाली हर बात लिख सकता है । --------- किसी भी विचारधारा के प्रति प्रश्न कर सकता है बिना उसका और उसके अनुयायियों का मज़ाक़ उड़ाये । ------- मूर्खादि कहकर किसी को अपमानित करने का कोई औचित्य नहीं है । -------- जो कोई करना चाहे केवल विचारधारा की समीक्षा करे कि वह मानव जाति के लिए वर्तमान में कितनी लाभकारी है ? ----- हरेक आदमी अपने मत को सामने ला सकता है ताकि विश्व भर के लोग जान सकें कि वह मत उनके लिए कितना हितकर है ? ------- इसी के साथ यह भी एक स्थापित सत्य है कि विश्व भर में औरत आज भी तरह तरह के जुल्म का शिकार है । अपने अधिकार के लिए वह आवाज़ उठा भी रही है लेकिन उसके अधिकार जो दबाए बैठा है वह पुरुष वर्ग है । औरत मर्द की माँ भी है और बहन और बेटी भी । इस फ़ोरम के सदस्य उनके साथ विशेष शालीनता बरतें , यहाँ पर भी और यहाँ से हटकर भी । औरत का सम्मान करना उसका अधिकार भी है और हमारी परंपरा भी । जैसे आप अपने परिवार में रहते हैं ऐसे ही आप यहाँ रहें और कहें हर वह बात जिसे आप सत्य और कल्याणकारी समझते हैं सबके लिए ।

    आइये हम सब मिलकर हिंदी का सम्मान बढ़ाएं.

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  7. स्वदेश प्रेम को जागृत करती बेहतरीन पोस्ट. आभार...

    हिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसका अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । धन्यवाद सहित...
    http://najariya.blogspot.com/

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